प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में एक सभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर मोटापे की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक भारत में 44 करोड़ लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने इसे ‘चौंकाने वाला और खतरनाक’ बताते हुए लोगों से इस पर ध्यान देने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी लाइफस्टाइल की वजह से कई बीमारियां बढ़ रही हैं, और मोटापा इन सबकी जड़ है। अगर यह रिपोर्ट सही है, तो 2050 तक हर तीन में से एक भारतीय मोटापे से जूझ सकता है।” उन्होंने लोगों से नियमित रूप से एक्सरसाइज करने और अपने आहार में तेल की मात्रा 10% कम करने की सलाह दी। “तेल कम खरीदें, साइकिल चलाएं, थोड़ा पसीना बहाएं, ये छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं,” पीएम ने जोड़ा।
मछुआरे का दिया उदाहरण
इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव के लिए 2,587 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इसमें सिलवासा में 450 बेड वाले नमो अस्पताल की शुरुआत शामिल है, जिसकी लागत 460 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, दीव में सर्किट हाउस, दमन में टॉय ट्रेन और कई स्कूल-अंगनवाड़ियां भी शुरू की गईं। प्रधानमंत्री ने सिंगापुर के मछुआरे गांव का उदाहरण देते हुए कहा, “वो एक छोटा मछुआरा गांव था, लेकिन वहां के लोगों की मेहनत ने उसे दुनिया का सितारा बना दिया। अगर आप भी ऐसा कुछ करने को तैयार हैं, तो मैं आपके साथ हूं।”
हेल्थकेयर पर भी दिया जोर
प्रधानमंत्री ने हेल्थकेयर पर भी जोर दिया और बताया कि सरकार 25,000 नए जन औषधि केंद्र खोलने जा रही है, जिससे गरीब और मिडिल क्लास को सस्ती दवाएं मिल सकेंगी। “इन दुकानों से अब तक 30,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है,” उन्होंने कहा। मोदी ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में दुधानी में इको-रिसॉर्ट, दीव में तटीय सैरगाह और देश का पहला एयर रोपवे शुरू किया जाएगा, जो पर्यटन को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दो दिन का है, जिसमें वह गुजरात और इस केंद्र शासित प्रदेश में कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च करेंगे। हाल ही में ‘मन की बात’ में भी उन्होंने मोटापे पर चिंता जताई थी और आनंद महिंद्रा, मनु भाकर जैसे लोगों को तेल कम करने का चैलेंज दिया था। अब यह देखना होगा कि पीएम की यह अपील कितने लोग मानते हैं और मोटापे से जंग में कितनी सफलता मिलती है।